यह अनुमान कैसे काम करता है
1) मासिक आय को दिए गए प्रतिशत से गुणा करके भुगतान सीमा निकालते हैं। 2) फिर ब्याज दर और अवधि से अनुमान लगाते हैं कि इस सीमा में कितना ऋण आ सकता है। 3) ब्याज दर बढ़ने पर ऋण राशि घटती है। अवधि बढ़ने पर यह आम तौर पर बढ़ती है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुझे कौन‑सी आय दर्ज करनी चाहिए?
आम तौर पर अपनी नियमित मासिक सकल आय दर्ज करें। यदि आप शुद्ध आय का उपयोग करते हैं, तो DTI मान भी उसी आधार पर रखें।
क्या इसमें टैक्स, बीमा या दूसरी आवास लागत शामिल हैं?
नहीं। यह कैलकुलेटर केवल आय, DTI, ब्याज दर और अवधि से अधिकतम EMI और मूलधन का अनुमान देता है। टैक्स, बीमा, रखरखाव शुल्क और दूसरी आवास लागत अलग से जोड़ें।
क्या यह ऋणदाता की वास्तविक स्वीकृति के बराबर है?
नहीं। यह केवल शैक्षिक अनुमान है। वास्तविक स्वीकृति आपकी क्रेडिट प्रोफ़ाइल और मौजूदा देनदारियों पर निर्भर करती है। दस्तावेज़ और ऋणदाता के नियम भी असर डालते हैं।
यदि ब्याज 0% हो या मैं अवधि बदल दूँ तो क्या होगा?
0% ब्याज पर अनुमानित मूलधन लगभग EMI × कुल महीनों के बराबर होता है। अवधि बढ़ाने से आम तौर पर अधिक मूलधन वहनयोग्य दिखता है। अवधि घटाने या दर बढ़ाने से यह कम हो जाता है।