इस्तेमाल कैसे करें (3 स्टेप)
- स्प्रिंग या लोलक मोड चुनें और नमूना मान रखें या अपने मान दर्ज करें।
- स्प्रिंग के लिए द्रव्यमान m, स्प्रिंग स्थिरांक k, आयाम A और वैकल्पिक समय t भरें। लोलक के लिए लंबाई L, गुरुत्व g और आयाम कोण भरें (पृथ्वी/चंद्रमा प्रीसेट एक टैप में)।
- गणना करें दबाएँ। हर मोड के लिए ω, आवर्तकाल, आवृत्ति, अधिकतम वेग/त्वरण/ऊर्जा और चरण-दर-चरण विवरण दिखेगा।
मुख्य सूत्र: स्प्रिंग के लिए ω = √(k/m); लोलक के लिए ω = √(g/L) (छोटे-कोण सन्निकटन)।
इनपुट
परिणाम
गणना के बाद परिणाम अपडेट होते हैं। मान जल्दी पढ़ने लायक फ़ॉर्मेट में दिखते हैं।
गणना कैसे होती है
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सरल आवर्त गति (SHM) क्या है?
सरल आवर्त गति वह दोलन है जिसमें पुनर्स्थापक बल विस्थापन के अनुपाती होता है। द्रव्यमान-स्प्रिंग तंत्र और छोटे कोण वाला लोलक इसके सामान्य उदाहरण हैं।
क्या लोलक का आवर्तकाल आयाम बदलने पर बदलता है?
यहाँ इस्तेमाल किए गए छोटे-कोण सन्निकटन में आवर्तकाल लगभग आयाम से स्वतंत्र रहता है। बड़े झूलों में यह अनुमान टूटता है और वास्तविक आवर्तकाल थोड़ा बढ़ जाता है।
द्रव्यमान और स्प्रिंग स्थिरांक आवर्तकाल को कैसे प्रभावित करते हैं?
स्प्रिंग-द्रव्यमान तंत्र के लिए T = 2π√(m/k) होता है। द्रव्यमान बढ़ने पर दोलन धीमा होता है, और कठोर स्प्रिंग (बड़ा k) पर दोलन तेज होता है।
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